सिद्धार्थनगर। इटवा में शुक्रवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती दो स्थानों पर मनाई गई। सभी ने उनके चित्र पर मालार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। उनके शिक्षाओं पर प्रकाश डाला और उनके बताए मांर्ग पर चलने का संकल्प लिया।
जयंती समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अर्जक संघ के निवर्तमान जिला संयोजक रवि प्रताप चौधरी ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल का अहम योगदान है।
आज के समय में उनके बताए मार्ग पर चलकर आधुनिक भारत के निर्माण में सभी को अपना योगदान देना चाहिए। जिससे देश की एकता, अखंडता एवं समृद्धि के साथ विकास के पथ पर भारत आगे बढ़े एवं एक महान भारत का निर्माण हो सके और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का सपना साकार हो। उनके विचारों पर चलकर देश से आतंकवाद, अलगाववाद, नक्सलवाद का सफाया किया जा सकता है।
जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता पुजारी प्रसाद वर्मा ने किया। कार्यक्रम में शामिल लोगों में रामकृपाल चौधरी, विजय कुमार चौधरी, शेषमणि उर्फ बब्बू, रामकरन, रामपाल चौधरी, वीरेंद्र चौधरी, उदय राज, लवकुश चौधरी, भोला चौधरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
स्वयंवर चौधरी सेवा संस्थान के तत्वावधान में सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई गयी
स्वयंवर चौधरी सेवा संस्थान के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष राम कृपाल चौधरी की अध्यक्षता में इटवा में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनायी गयी। वक्ताओं ने सरदार पटेल के शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत लौह पुरुष सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने सरदार पटेल के जीवन, कार्यों और उनके देश के एकीकरण में योगदान पर विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके आदर्श और विचार आज भी देश को एकता और संकल्प की प्रेरणा देते हैं। संस्था के अध्यक्ष राम कृपाल चौधरी ने कहा कि सरदार पटेल के त्याग, देशभक्ति और नेतृत्व क्षमता से आज की पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने अपने जीवन से यह साबित किया कि सच्चा नेतृत्व सेवा और समर्पण से ही संभव है।
इस अवसर पर भोला चौधरी, पंकज कुमार गौड़, संजय गौड़, मसीहुद्दीन चौधरी, अभिषेक श्रीवास्तव, पिंटू चौधरी, धर्मजीत यादव, बुधराज गिरी, पुजारी वर्मा, लवकुश चौधरी, बबलू कनौजिया सहित अन्य सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ने सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।