सिद्धार्थनगर। इटवा नगर पंचायत के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर वार्ड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में अयोध्या धाम से पधारे डॉ वीरेंद्र दास जी ने भक्तों को भगवान वामन अवतार व समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाया।
डॉ वीरेंद्र दास जी ने 28 नवम्बर 2025 की रात्रि कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि दंभ और अंहकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता और यह धन संपदा क्षण भंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करो।
उन्होंने बताया कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईषर्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईषालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्तियों को भगवान सूर्य, वायु, नदियों, बादलों व वृक्षों इत्यादि से प्रेरणा लेनी चाहिए। भगवान सूर्य बिना किसी भेदभाव के सृष्टि के सभी प्राणियों को अपना प्रकाश देते हैं।
वायु सभी जीवों में प्राणों का संचार करती है। बादल परोपकार के लिए गरजते हुए वर्षा करते है, नदियां किसी से नहीं पूछती कि तुम मेरा जल क्यों पीते हो और वृक्ष भी किसी व्यक्ति से यह नहीं पूछते कि तुम मेरे फल क्यों तोड़ते हो, लेकिन स्वार्थी मानव इर्ष्यालु होता जा रहा है। यदि अपना उद्धार करना चाहते हो तो परोपकार में अपना जीवन लगाओ, जिससे तुम्हारा कल्याण होगा।
इस अवसर पर यज्ञ पुरोहित पण्डित मानिकराम उपाध्याय, रविन्द्र नाथ दूबे, आशुतोष दूबे, सुनील दूबे, सुभाष, रविश, रिंकू, सचिन दूबे, प्रभुराम उपस्थित रहे।