सिद्धार्थनगर। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव की अगुवाई में शनिवार को कांग्रेसियों ने उप जिलाधिकारी व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इटवा को एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत गलत तरीके से फार्म 7 भरकर वोटर का नाम काटने सहित अन्य समस्याओं को लेकर शिकायती पत्र सौंप कर कार्यवाही की मांग किया।
गलत तरीके से फार्म 7 भरवाने सहित अन्य समस्याओं को लेकर दिया शिकायती पत्र
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ नादिर सलाम की अगुवाई में 07 फरवरी 2026 को कांग्रेसियों ने एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत गलत तरीके से फार्म 7 भरवाने, मतदाताओं को नोटिस की सेवा न होने एवं गलत मैपिंग व डाटा त्रुटि के संबंध में शिकायती पत्र उप जिलाधिकारी व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कुणाल को सौंप कर कार्यवाही की मांग किया।
दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि कुछ भाजपा पदाधिकारियों एवं नेताओं द्वारा बूथ लेवल अधिकारियों पर दबाव बनाकर गलत तरीके से फॉर्म 7 जमा कराए जा रहे हैं। मतदाता सूची में अनियमित संशोधन कराने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम गंगवाल, भैंसाही, कुसम्ही, भदोखर एवं भदोखरी सहित क्षेत्र के कई बूथों पर संदिग्ध गतिविधियाँ पाई गई हैं।
यह भी संज्ञान में आया है कि एक विशेष जाति, समुदाय के मतदाताओं के नाम कटवाने की मंशा से योजनाबद्ध तरीके से प्रपत्र 7 भरवाए जा रहे हैं, जो निर्वाचन की निष्पक्षता एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक है।
अनेक मतदाताओं के नाम से नोटिस निर्गत की गई है। किन्तु संबंधित बीएलओ गायत्री देवी भाग संख्या 160 द्वारा उक्त नोटिस मतदाताओं तक पहुँचाई नहीं गई। अधिकांश मतदाताओं को यह जानकारी ही नहीं है कि उनके नाम से कोई नोटिस जारी हुई है। इससे वे नियत तिथि पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने से वंचित हो रहे हैं। प्रशासन की क्या मजबूरी है कि उनके कार्य न करने पर उनके विरुद्ध किसी भी तरह कार्रवाई नहीं की जा रही है या उनके स्थान पर किसी अन्य बीएलओ को क्यों नहीं नामित किया जाता है।
प्रकरण की निज्ञपक्ष जांच करायी जाए संबंधित बीएलओं पर दबाव बनाने वाले व्यक्तियों की भूमिका की जांच व संदिग्ध फॉर्माे का सत्यापन कराया जाए। दोषी पाये जाने पर विधिक कार्यवाही सुनश्चित की जाए। गलत मैपिंग व डाटा त्रुटियों का पुनः परीक्षण कर त्रुटिपूर्ण नोटिस निरस्त की जाए।
बीएलओ और विभागीय लापरवाही से जिन्हें समय से नोटिस नहीं मिला है उन्हें पर्याप्त समय देकर उन तक नोटिस पहुंचाई जाए। पात्र मतदाताओं के नाम बिना कारण विलोपित न किए जाएँ। जिनका नाम 2003 के वोटर लिस्ट में है उन्हें भविष्य हेतु सत्यापन उपरांत ही नोटिस निर्गत करने के निर्देश दिए जाए। जनहित एवं मतदाता अधिकारों की रक्षा हेतु प्रकरण को त्वरित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही किया जाए।