डुमरियागंज। देश की राजनीति में लंबे समय से चल रहे तथाकथित दिल्ली शराब प्रकरण में दिल्ली की न्यायालय ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के 23 वरिष्ठ नेताओं को सम्मानपूर्वक बरी किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर इमरान लतीफ़ ने इसे सत्य, लोकतंत्र और जनआस्था की ऐतिहासिक विजय बताया है।
झूठ की राजनीति बेनकाब, न्यायालय ने सच पर लगाई मुहर
इंजीनियर इमरान लतीफ़ ने अपने 27 फरवरी 2026 को अपने बयान में कहा कि तथाकथित शराब घोटाले के नाम पर विपक्ष की आवाज़ को दबाने और आम आदमी पार्टी की छवि धूमिल करने का जो सुनियोजित प्रयास किया गया था, वह आज न्यायालय के निर्णय से पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। यह केवल कानूनी जीत नहीं, बल्कि ईमानदारी और संघर्ष की जीत है।
इमरान लतीफ़ ने कहा कि डुमरियागंज से लेकर दिल्ली तक अब ईमानदारी और मोहब्बत की राजनीति की ताकत और बढ़ेगी। साज़िशों और झूठे आरोपों के बावजूद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में जो संघर्ष हुआ, उसने यह साबित कर दिया कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। 23 साथियों का सम्मानपूर्वक बरी होना इस बात का प्रमाण है कि न्याय अंततः सत्य के साथ खड़ा होता है।
इंजीनियर इमरान लतीफ़ ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी द्वारा राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर जो वातावरण बनाया गया, वह अब जनता के सामने बेनकाब हो चुका है। लोकतंत्र में विरोधी विचारधारा को कुचलने का प्रयास देश के संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है।
डुमरियागंज में आम आदमी पार्टी के साथ अपने निरंतर संघर्ष का उल्लेख करते हुए इंजीनियर इमरान लतीफ़ ने कहा कि हमने हर परिस्थिति में सत्य और संविधान का साथ दिया है। डुमरियागंज की धरती से हमने भ्रष्टाचार और नफरत के खिलाफ जो आवाज़ बुलंद की है, वह दिल्ली तक गूंजेगी। कोर्ट के फैसले ने हमें ताक़त दी है। हमारी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सेवा, पारदर्शिता और भाईचारे के लिए है।
उन्होंने अंत में कहा यह लड़ाई यहीं समाप्त नहीं होती। डुमरियागंज से लेकर दिल्ली तक भ्रष्टाचार और नफरत के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी। आम आदमी पार्टी जनता के अधिकारों, सामाजिक सद्भाव और ईमानदार राजनीति के लिए पहले भी डटी थी, आगे भी चट्टान की तरह डटी रहेगी।