बागपत, उत्तर प्रदेश। नगर के गली नंबर 6 स्थित भजन विहार में तीज महोत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पारंपरिक तीज पर्व की खुशियों को एक-दूसरे के साथ साझा किया।
भजन विहार में महिलाओं ने झूले और तीज गीतों का लिया आनंद
कार्यक्रम की संयोजिका अमिता वशिष्ठ रहीं। तीज महोत्सव के दौरान महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में झूला झूलने के साथ तीज गीतों का आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
महोत्सव में महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं और पारंपरिक तीज पर्व की संस्कृति को उत्साह के साथ मनाया। आयोजन ने महिलाओं को मिल-जुलकर पर्व की खुशियां मनाने का अवसर दिया।
श्रुति बनीं तीज क्वीन
कार्यक्रम के दौरान श्रुति को तीज क्वीन चुना गया। आयोजकों की ओर से उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। तीज क्वीन चुने जाने पर उपस्थित महिलाओं ने श्रुति को बधाई दी और उनके चयन पर खुशी जताई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रकाश चौधरी, ललित माधव गोपाल एवं अमित शर्मा ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। उनके सहयोग से तीज महोत्सव का आयोजन बेहतर ढंग से संपन्न हुआ।
तीज पर्व की महत्ता पर अमिता वशिष्ठ ने रखे विचार
कार्यक्रम की संयोजिका अमिता वशिष्ठ ने तीज पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तीज भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है और आपसी प्रेम, सौहार्द, उल्लास तथा पारिवारिक सुख-समृद्धि की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को एक साथ मिलकर अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने का अवसर देते हैं। सामूहिक रूप से मनाए जाने वाले ऐसे पर्व आपसी मेल-जोल और सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देते हैं।
छोले-भटूरे का प्रसाद लेकर संपन्न हुआ तीज महोत्सव
महोत्सव के अंत में सभी ने बागपत के सुप्रसिद्ध शंकर नान भंडार के छोले-भटूरे को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
महोत्सव में उर्मिला, स्वाति, करिश्मा, श्वेता, पूनम, शालू, मेघा सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और तीज महोत्सव को यादगार बनाया।






