सिद्धार्थनगर। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत सिद्धार्थनगर पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद गैर इरादतन हत्या के एक मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों पर कुल 23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार यह फैसला बुधवार, 19 अगस्त 2026 को वाद संख्या 93/2019 और मुकदमा अपराध संख्या 154/2019 से संबंधित मामले में सुनाया गया।
जिला एवं सत्र न्यायालय सिद्धार्थनगर ने सुनाया फैसला
मामला थाना सिद्धार्थनगर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 154/2019 से संबंधित है। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 304, 308, 323, 325 और 504 के तहत कार्रवाई की गई थी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई।
इन तीन आरोपियों को मिली 10 साल की सजा
अदालत से सजा पाने वालों में मो. इस्माइल, अजमतुल्लाह पुत्रगण मो. रिजवान और तौफीक अहमद पुत्र मो. जुबेर शामिल हैं। तीनों सिद्धार्थनगर थाना क्षेत्र के बर्डपुर नंबर-12, टोला पिछौरा के निवासी बताए गए हैं।
अदालत ने तीनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया। मामले में कुल 23,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी
पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जा रही है। सिद्धार्थनगर के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में जिला मॉनिटरिंग सेल और संबंधित पुलिसकर्मियों ने मामले की पैरवी की।
पुलिस के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजक राजेश कुमार त्रिपाठी तथा थाना सिद्धार्थनगर के न्यायालय पैरोकार आरक्षी दुर्गेश गुप्ता की भी इस मामले में सराहनीय भूमिका रही।
सजा दिलाने में जिला मॉनिटरिंग सेल की भूमिका
सिद्धार्थनगर पुलिस की ओर से बताया गया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत लंबित आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को न्यायालय से दंडित कराया जा रहा है। इसी क्रम में गैर इरादतन हत्या से जुड़े इस मामले में भी अदालत से सजा कराई गई।







