भलाई का कार्य करें। कभी निराशा पनपने न दें। जरूर मिलेगी कामयाबी

By
Last updated:

वसीम परवेज, सिद्धार्थनगर। किसी के साथ भलाई का कार्य करें तो वह  कभी बेकार नहीं जाता है। उसका फल एक न एक दिन जरूर अच्छा मिलता है। भलाई की ताकत निश्चित ही कामयाबी के मुकाम पर पहुंचाती है। जो भी भलाई का कार्य हो उसे करते रहना चाहिए। कभी निराशा को पनपने नहीं देना चाहिए।

  • बच्चों, अभिभावकों को अच्छे संस्कार सृजन के लिए प्रधानाचार्य रमाकांत द्विवेदी का प्रेरक संदेश

उक्त बातें माता प्रसाद जायसवाल इंटर कॉलेज इटवा सिद्धार्थनगर के प्रधानाचार्य रमाकांत द्विवेदी ने बच्चों, अभिभावकों को अच्छे संस्कार सृजन के लिए दिए एक प्रेरक संदेश में कहा।

भलाई का कार्य करें-

प्रेरक संदेश में उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में इंसान अपने कर्तव्यों को भूलता जा रहा है। स्वार्थ को प्राथमिकता दी जाती है। किसी के साथ कोई भलाई का कार्य करता है तो उसके पीछे भी उसका स्वार्थ छुपा रहता है। परंतु हमें स्वार्थ से दूर रहना चाहिए, यह सब कहने और सुनने में अच्छा लगता है, पर व्यवहारिक नहीं है।

हर इंसान एक हद तक स्वार्थी होता है और होना भी चाहिए, लेकिन जब वह स्वार्थ किसी का अहित करने लगे तो उस स्वार्थ का त्याग करना ही बुद्धिमत्ता है। इससे ज्यादा जरूरी है कि अगर कोई निःस्वार्थ भाव से किसी की मदद करता है तो वह बहुत मायने रखता है।

भलाई का महत्व-

हर किसी को भलाई के महत्व को समझना चाहिए। बच्चों/छात्रों/छात्राओं को उपकार, अच्छे कार्य, भलाई करने का आदत डालना चाहिए। विशेषकर अभिभावकों को अपने बच्चों के अच्छे संस्कार सृजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आगे चलकर परिणाम इसके अनुसार ही आते हैं।

आत्मसंयमी होना किसी भी श्रेष्ठ व्यक्ति का प्रथम लक्षण होता है। आत्मसंयम जीवन का बल है। सफलता जीवन की आधारशिला है। संयम उन्नति की पहली शर्त है। किसी के साथ भलाई का कार्य करें और उसका फल न मिले तो यही संयम आगे कामयाबी की सीढ़ी प्रदान करता है।

यदि आपमें भलाई का अभाव हो तो सारी शिक्षा व्यर्थ है। विश्व के महान पुरुषों की जीवनियों का अध्ययन करने पर यह पता चलता है कि उन्होंने जो भी सफलता, महानता, श्रेय, उन्नति प्राप्त की है, उनके कारणों में संयमशीलता की प्रधानता रही है।

इनमें कोई संदेह नहीं है कि संयमशीलता के पथ पर चलकर ही मनुष्य श्रेष्ठ मानव बनता है, देवता बनता है और जन-जन का प्रिय बनता है। इस संदर्भ में हम महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध के उदाहरणों से शिक्षा ले सकते हैं। जिनकी भलाई की ताकत हर किसी के लिए एक मिसाल बनी है।

इस खबर को शेयर करें
news universal,logo,

News Universal Hindi

न्यूज यूनिवर्सल हिन्दी एक टाप हिन्दी न्यूज वेबसाइट है। यह उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर सहित सभी हिन्दी भाषी समाचारों को कवर करता है। देश, प्रदेश और सिद्धार्थनगर जिले की हर छोटी बड़ी खबरों को पढ़ने के लिए न्यूज यनिवर्सल डाट इन वेबसाइट पर आएं।

For Feedback - letters@newsuniversal.in

Leave a Comment

  • Rating