वाराणसी, उत्तर प्रदेश। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान से अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कोतवाली वाराणसी में तहरीर देकर न्यायोचित कार्यवाही की मांग किया है।
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के राघ्रवेंद्र चौबे ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद की वाराणसी इकाई ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर संघ प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि मोहन भागवत इसके लिए माफी मांगे।
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ पंडित हिमांशु मिश्रा ने कोतवाली वाराणसी में दिए तहरीर में बताया कि तमाम मीडिया स्रोतों, अखबारों में प्राकृतिक खबरों से पता चला है कि संघ के राष्ट्रीय प्रमुख मोहन भागवत द्वारा पंडितों के बारे में अपमानजनक शब्द कहकर ब्राह्मण समाज को अलग-थलग व अपमानित करने की साजिश की गई है।
7 फरवरी अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद की वाराणसी इकाई द्वारा कोतवाली थाने में तहरीर देकर संघ प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की गयी..।।
मोहन भागवत माफी मांगों।। pic.twitter.com/udGRt9upt7
— Raghvendra chaubey (@raghvendralyc) February 7, 2023
उनके वक्तव्य से ब्राह्मण समाज अपने आप को अपमानित महसूस कर रहा है। इसलिए प्रकरण की जांच करने न्यायोचित कार्रवाई की जाए। उनके साथ राघवेंद्र चौबे, रोहित दुबे, नवीन, मृत्युंजय मालवीय, शिवम व्यास, शुभम व्यास, मयंक चौबे आदि लोग मौजूद रहे।
ज्ञात हो कि मोहन भागवत ने रविवार को मुंबई में संत शिरोमणि रविदास रोहिदास की जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम में मराठी में उन्होंने लोगों को संबोधित किया था।
जिसने उन्होंने कहा कि ईश्वर सत्य है। कोई ऊंच-नीच नहीं है। पंडितों की बात गलत है। जातिवाद की श्रेष्ठता में हम भ्रमित हो गए हैं। इस भ्रम को दूर करना चाहिए।
मैं बीजेपी नहीं लेकिन आरएसएस का समर्थक हूँ और मोहन भागवत जी के इस बयान से मुझे काफी आघात हुआ है | ये सम्पूर्ण ब्राह्मण समाज का अपमान है #भागवत_माफी_मांगो pic.twitter.com/XOXEeSCUWR
— sumitsharmanyp (@sumitsharmanyp) February 6, 2023
उनके इस वक्त पर लोग सफाई भी दे रहे हैं कि उन्होंने अपने बयान में पंडित शब्द का प्रयोग किया है न कि ब्राह्मण शब्द का।
मीडिया ने “संघ प्रमुख” “मोहन भागवत” जी के बयान का अर्थ का अनर्थ कर दिया।
RSS प्रमुख मराठी में बोल रहे थे। जिसका गलत अनुवाद किया गया। उन्होंने कहीं भी ब्राह्मण जाति का नाम नही लिया।
शास्त्रों के अनुसार पंडित का अर्थ “विद्वान” होता है न की ब्राह्मण।
ये है असली बयान #MohanBhagwat pic.twitter.com/l4p38t7mQB
— Jitendra Pratap Singh (@JitendraStv) February 6, 2023