परवेज अहमद बढ़या की रिपोर्ट-
सिद्धार्थनगर। खुनियांव विकास खंड अंतर्गत बढ़या स्थित मदरसा गौसिया फैजुल उलूम के संस्थापक व प्रसिद्ध धर्म गुरू मौलाना बदरुद्दीन उर्फ बदरे मिल्लत का 35वां सालाना उर्स मनाया गया। जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
- भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने अर्पित किया श्रद्धासुमन
बदरे मिल्लत का 35वां सालाना उर्स-
बुधवार 25 फरवरी 2026 को बढ़या में प्रसिद्ध धर्म गुरू मौलाना बदरुद्दीन उर्फ बदरे मिल्लत के पुण्य तिथि पर उनका परम्परागत तरीके से 35वां सालाना उर्स मनाया गया।
रोजा इफ्तार और मगरिब की नमाज़ के बाद मजार शरीफ पर फातिहा पढ़ा गया। अकीदतमंदों द्वारा नारे तकबीर, नारे रिसालत आदि धार्मिक नारों के साथ मजार शरीफ तक चादर यात्रा निकाली गयी। रात्रि 09 बजे एक इजलास का आयोजन हुआ जिसमें मुस्लिम धर्म गुरुओं द्वारा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।
उर्स की शुरुआत-
प्रोग्राम की शुरुआत तिलावते कलाम पाक से कारी इश्तियाक अहमद ने आगाज़ किया। उसके बाद हाफिज नेमत अरमान रजा ने नात शरीफ़ व मनकबत का तराना पेश कर दर्शकों का दिल बाग बाग कर दिया। प्रोग्राम के मुख्य अतिथि बरांव शरीफ दरगाह के सज्जादा नशीन मौलाना गुलाम अब्दुल कादिर अल्वी ने स्व. बदरुद्दीन के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके याद में कसीदा पढ़ा।
आगे कहा कि उनके बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए, ताकि दीन और दुनियां दोनों संवर जाए। उन्होंने कहा कि इस अति पिछड़े क्षेत्र में वो एक रोल मॉडल रहे और एक बेहतरीन शख्सियत रहे। उनकी लेखनी में दम था।
उन्होंने हमेशा लोगों को सही रास्ता दिखाया और भलाई का कार्य किया। बदरे मिल्लत ने मदरसों में पठन पाठन करने वाले बच्चों के लिए अनेकों किताबें लिखी। जिसे पढ़कर लोग उसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने मोहब्बत, अखलाक भाईचारा कायम करने और ज्यादा से ज्यादा शिक्षा हासिल करने पर जोर दिया। यही वजह है कि आज भी उन्हें बड़े ही इज्ज़त के साथ याद किया जाता है। मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन के अंत में देश में अमन चैन के लिए दुवाएं मांगी।
कार्यक्रम को मौलाना जमालुद्दीन ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का समापन आयोजक सज्जादा नशीन आस्ताना मौलाना नूरानी शाह ने उपस्थित लोगों का शुक्रिया अदा कर अमन चैन, सुख शांति के लिए रब से समूचे देश के लिए हाथ उठाकर दुआएं मांग कर कार्यक्रम का समापन किया।
उर्स में आने वाले जायरीनों के मार्गदर्शन हेतु दर्जनों वालेंयटियर सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की व्यवस्था चाक चौबन्द रही।
इस अवसर पर मौलाना मुईनुद्दीन, मौलाना जमालुद्दीन, मौलाना करामत, जमाल अहमद, हाजी गुलाम मुस्तफा रब्बानी, सपा नेता कमरुज्जमा खां, अबरार चौधरी, अब्दुर्रहमान, इसरार अहमद सहित भारी संख्या में पास पड़ोस सहित दूर दराज से जायरीन शामिल हुए।