सिद्धार्थनगर। जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुष्मान कार्ड, संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, टीबी नियंत्रण और स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाओं को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
संस्थागत प्रसव को लेकर डीएम ने दिखाई सख्ती
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव अस्पताल में ही कराया जाए। उन्होंने कहा कि घर पर प्रसव की स्थिति नहीं होनी चाहिए और ऐसी स्थिति सामने आने पर संबंधित एमओआईसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को समय पर सहायता मिल सके।
जननी सुरक्षा योजना में फीडिंग कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण कर उन्हें प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं की निगरानी और बीएचएनडी पर जोर
डीएम ने सभी एमओआईसी को वार रूम का निरीक्षण करने तथा उसे सक्रिय रखने को कहा। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को समय पर आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराना है।
बीएचएनडी दिवस पर गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और निगरानी करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि एएनएम, आशा और सीएचओ को आवश्यक किट उपलब्ध कराई जाएं तथा बीएचएनडी दिवस पर आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय से काम करें। गर्भवती महिलाओं को पोषाहार और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि कम वजन वाले बच्चों के जन्म की स्थिति में कमी लाई जा सके।
काम में लापरवाही पर स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस
जिलाधिकारी ने समस्त एमओआईसी को निर्देश दिया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले सीएचओ, आशा और एएनएम को नोटिस जारी किया जाए। कम प्रसव कराने वाली आशा कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उपायों की भी समीक्षा की गई।
9 से 13 वर्ष की बालिकाओं के HPV टीकाकरण पर जोर
जिलाधिकारी ने जनपद की 9 से 13 वर्ष की बालिकाओं को HPV वैक्सीन लगाए जाने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे HPV टीकाकरण अभियान से कोई भी पात्र बालिका छूटने न पाए।
उन्होंने वीएचएनडी दिवस और सीएचसी पर टीकाकरण कराने के साथ ही शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर विद्यालयों में टीकाकरण टीम भेजने के निर्देश दिए। टीकाकरण के बाद यू-विन पोर्टल पर शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
टीबी मरीजों की पहचान और जांच के निर्देश
जिलाधिकारी ने संभावित टीबी मरीजों की पहचान, जांच और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी विकासखंडों में लक्षणयुक्त टीबी मरीजों को चिन्हित करने तथा उनकी नियमित निगरानी करने को कहा गया।
इसके अलावा एचआईवी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जांच और ई-संजीवनी पर फोकस
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आयुष्मान सेंटर समय से खुलें और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में हाइपरटेंशन, डायबिटीज समेत अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की नियमित जांच की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा ई-संजीवनी के माध्यम से अधिक से अधिक मरीजों को टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी एमओआईसी को ओपीडी में सुधार और मरीजों की संख्या बढ़ाने पर भी ध्यान देने को कहा गया।
बारिश के मौसम में डेंगू-मलेरिया को लेकर सतर्कता
बारिश के मौसम में मलेरिया, डेंगू और इंसेफलाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने को देखते हुए जिलाधिकारी ने तेज बुखार वाले मरीजों को चिन्हित कर सीएचसी और पीएचसी पर जांच एवं उपचार कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को साफ-सफाई और एंटीलार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने तथा डाटा की शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा। फीडिंग के दौरान सही मोबाइल नंबर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।
मरीजों को बाहर की दवा लिखने पर रोक
जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और बाहर की दवाएं न लिखी जाएं।
उन्होंने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ नियमित बैठक करने, स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने तथा जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
वार रूम और इमरजेंसी रेफरल व्यवस्था की समीक्षा
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को वार रूम का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इमरजेंसी में रेफर किए जाने वाले मरीजों का विवरण रेफरल रजिस्टर में दर्ज करने को कहा गया, ताकि मरीजों से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहे।
बैठक में अनटाइड फंड, परिवार नियोजन, टीकाकरण अभियान, पीसीपीएनडीटी, रोगी कल्याण समिति और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर समेत स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सच्चिदानंद उपाध्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार सहित संबंधित अधिकारी, डीएएम, डीसीपीएम, सभी एमओआईसी, बीएएम, बीपीएम और बीसीपीएम मौजूद रहे।










