बागपत, उत्तर प्रदेश। सरूरपुर गांव में स्थित बाबा अचानकनाथ आश्रम के महंत बाबा अचानकनाथ उर्फ जगपाल महाराज जी ने अपनी 41 दिन 41 गांव तपस्या के अन्तर्गत सोमवार को राजपुर खामपुर गांव में टील नामक स्थान पर 29 धूनों की तपस्या की।
बाबा अचानकनाथ ने बताया कि उनकी यह तपस्या किसानों की सुख-समृद्धि, लोगों के उद्धार, बच्चों के कल्याण के लिए है। उनकी यह तपस्या प्रकृति को समर्पित है। बताया कि यह प्रकृति ही हमें सब कुछ प्रदान करती है है। बाबा ने बताया कि गुरू गोरखनाथ जी व गुफा वाले बाबा की कृपा से तपस्या निर्विघ्न चल रही है। गांव के लोग भी उनकी तपस्या में सहयोग कर रहे है।
बाबा ने 5 मई वर्ष 2026 को पहले दिन गुफा वाले बाबा के निकट तपस्या की शुरूआत की, दूसरे दिन नेथला गांव में, तीसरे दिन फैजुल्लापुर, चौथे दिन निनाना, पॉंचवे दिन बिहारीपुर, छठे दिन खेड़ा हटाना और सातवे दिन राजपुर खामपुर गांव में टील नामक स्थान पर तपस्या की।
राजपुर खामपुर गांव में बाबा अचानकनाथ ने अपनी तपस्या पूर्ण कर तपस्या में सहयोग करने वाले श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और उसके उपरान्त वह अगले दिन की तपस्या के लिए लुहारी गांव की और प्रस्थान कर गये।