सिद्धार्थनगर। अपर सिविल जज (जू.डि.), सिद्धार्थनगर की अदालत ने थाना इटवा से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में पुलिस को मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने का निर्देश दिया है। एक मामला भाई की गुमशुदगी और उसकी हत्या की आशंका से संबंधित है, जबकि दूसरा विवाहिता की संदिग्ध मौत और दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने के आरोप से जुड़ा है। दोनों मामलों में अदालत ने 24 जुलाई 2026 को आदेश पारित किया।
भाई की गुमशुदगी और हत्या की आशंका का मामला
पहले मामले में आवेदिका तालीमुनिशा पत्नी अब्दुल बारी ने धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। प्रार्थना पत्र के अनुसार 25 अप्रैल 2025 को उनका भाई अकबर अली उनके घर आया था। उसने पत्नी शहनाज उर्फ गुड़िया से विवाद होने और जान से मारने की धमकी मिलने की बात बताई थी।
आरोप है कि 29 अप्रैल को शहनाज उर्फ गुड़िया अपने पिता और अन्य परिजनों के साथ अकबर अली को अपने साथ ले गई। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। आवेदिका ने पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली।
अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को संज्ञेय अपराध से संबंधित मानते हुए थाना इटवा पुलिस को सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया।
विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में भी आदेश
दूसरे मामले में तकदीरुन्निसा पत्नी रिजवान चौधरी ने अपनी पुत्री शलीनुशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के संबंध में न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पक्ष के लोग शलीनुशा को दहेज के लिए प्रताड़ित करते और मारपीट करते थे।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि 8 जुलाई 2026 की रात करीब तीन बजे ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित रूप से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलने पर मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे तो वह मृत अवस्था में मिली।
आवेदिका ने थाना इटवा और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर को सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अदालत का रुख किया। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का मामला मानते हुए थाना इटवा के थानाध्यक्ष को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधि के अनुसार विवेचना करने का निर्देश दिया।
दोनों मामलों की पैरवी अधिवक्ताओं ने की
दोनों मामलों में मुकदमे की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता श्रवण कुमार पाण्डेय एवं अधिवक्ता कमलेश कुमार श्रीवास्तव ने की।






