सिद्धार्थनगर। आगामी खसरा-रूबेला यानी एमआर टीकाकरण अभियान को लेकर शुक्रवार को तहसील इटवा में टीटीएफ/बीटीएफ की बैठक आयोजित की गई। उप जिलाधिकारी संदीप कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान की तैयारियों, लक्ष्य और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि 18 अगस्त से 28 अगस्त 2026 तक विशेष एमआर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों, मदरसों, आंगनबाड़ी केंद्रों और निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को टीकाकरण से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है।
5 से 10 वर्ष के बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान प्रत्येक वैक्सीनेटर को प्रतिदिन करीब 100 से 125 बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए संबंधित विद्यालयों और अन्य संस्थानों में टीकाकरण की व्यवस्था को लेकर आवश्यक कार्ययोजना तैयार की गई है।
अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ शिक्षा, बाल विकास एवं अन्य संबंधित विभागों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। बैठक में अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ अभियान को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया।
सीएचसी इटवा अधीक्षक ने एमआर वैक्सीन की दी जानकारी
बैठक में सीएचसी इटवा के अधीक्षक डॉ. संदीप कुमार द्विवेदी ने एमआर वैक्सीन और टीकाकरण अभियान से संबंधित आवश्यक जानकारी साझा की। उन्होंने अभियान के दौरान निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
वहीं एफएम सत्यकांत शुक्ला ने भी खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान के संबंध में जरूरी जानकारी दी और अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की।
स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सीएचसी खुनियांव के अधीक्षक डॉ. पुलस्त्य यादव, बाल विकास परियोजना अधिकारी इटवा मंजुलता गौतम, मुख्य सेविका सुनीता देवी, बीपीएम अनिल कुमार यादव, एआरओ ओम प्रकाश त्रिपाठी, एनएमएस पन्नालाल मौर्य, पर्यवेक्षक दुर्गेश कुमार अग्रवाल, बीसी आंचल जायसवाल और बीसी दरख्शां सिद्दीकी समेत स्वास्थ्य, बाल विकास एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक के माध्यम से आगामी एमआर टीकाकरण अभियान को निर्धारित अवधि में प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया।







