सिद्धार्थनगर, 13 अगस्त 2026। जिले में स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति की बैठक में 15 साल पुराने वाहनों के साथ-साथ अनफिट और अधूरे दस्तावेज वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
अम्बेडकर सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की। बैठक में पुलिस अधीक्षक डा. अभिषेक महाजन की मौजूदगी में विद्यालय प्रबंधकों के साथ स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट, पंजीयन और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई।
15 साल पुराने स्कूल वाहन बच्चों के लिए नहीं चलेंगे
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 15 वर्ष पुराने वाहनों का इस्तेमाल विद्यालय में बच्चों के परिवहन के लिए नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जिन वाहनों की फिटनेस, परमिट या अन्य आवश्यक दस्तावेज समाप्त हो चुके हैं, उनका संचालन भी किसी भी स्थिति में नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि वाहनों के दस्तावेजों को समय से पूरा और वैध कराया जाए। जिन वाहनों के दस्तावेज अभी पूर्ण नहीं हैं, उनकी स्थिति और उन्हें कब तक वैध कराया जाएगा, इसकी जानकारी संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
अनफिट वाहन मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि अनफिट, असुरक्षित अथवा अधूरे दस्तावेज वाले वाहन से बच्चों का परिवहन नहीं किया जाना चाहिए। विशेष रूप से फिटनेस समाप्त हो चुके वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए।
यदि जांच के दौरान फिटनेस समाप्त वाहन बच्चों को लाते-ले जाते पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल वाहनों में अटेंडेंट की व्यवस्था अनिवार्य
बैठक में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनाया गया। जिलाधिकारी ने प्रत्येक स्कूल वाहन में बच्चों की सुरक्षा एवं निगरानी के लिए अटेंडेंट की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विद्यालय प्रबंधन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि स्कूल वाहनों से जुड़े सभी वैधानिक और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो।
बेचे गए वाहन का पंजीयन ट्रांसफर कराना जरूरी
बैठक में स्कूल प्रबंधकों को पुराने या बेचे जा चुके वाहनों के पंजीयन को लेकर भी सावधान किया गया। यदि विद्यालय द्वारा कोई वाहन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है तो यह सुनिश्चित करना होगा कि वाहन का पंजीयन विद्यालय के नाम से नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर हो चुका है।
यदि वाहन बेचने के बाद भी उसका पंजीयन विद्यालय के नाम पर ही दर्ज रहता है, तो उसकी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की ही मानी जाएगी।
आरटीओ रिकॉर्ड से बंद वाहनों का पंजीयन निरस्त कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि विद्यालय का कोई वाहन अब संचालन में नहीं है या उसे कटवाकर समाप्त किया जा चुका है, लेकिन वह अभी भी आरटीओ कार्यालय के अभिलेखों में दर्ज है, तो उसका पंजीयन नियमानुसार निरस्त कराया जाए।
इससे विद्यालय के नाम पर दर्ज पुराने और निष्क्रिय वाहनों का रिकॉर्ड भी दुरुस्त किया जा सकेगा।
विद्यालय प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत

बैठक में विद्यालय प्रबंधकों से कहा गया कि बच्चों के आवागमन से जुड़े वाहनों की नियमित जांच और दस्तावेजों की वैधता पर विशेष ध्यान दें। किसी भी ऐसे वाहन का संचालन न किया जाए जो सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता हो।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एआरटीओ समेत संबंधित अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एआरटीओ संजय कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक मौजूद रहे। अधिकारियों ने विद्यालय वाहनों से जुड़े सुरक्षा एवं वैधानिक मानकों के पालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा की।







